दानिय्येल की पुस्तक - हर अध्याय की व्याख्या | Book of Daniel All Chapters Explained in Hindi

📖 दानियेल की पुस्तक – अध्याय 1 ( Book of Daniel – Chapter 1 ) 🌟 अध्‍याय की झलक: यह अध्‍याय दानियेल और उनके तीन साथियों के जीवन की शु...

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गुरुवार, 26 नवंबर 2020



यीशु के चमत्कारों की अद्वितीयता

यीशु मसीह का पृथ्वी पर आगमन केवल शिक्षा और उपदेश देने तक सीमित नहीं था। उन्होंने ऐसे चमत्कार किए जिनसे लोगों को शारीरिक चंगाई मिली, आत्मिक छुटकारा मिला, और परमेश्वर की महिमा प्रकट हुई। यीशु के चमत्कार उनके परमेश्वर से आए हुए होने का प्रमाण थे और उन्होंने उनके द्वारा परमेश्वर के राज्य की घोषणा की।

बाइबल कहती है:

"और भी बहुत से काम हैं, जो यीशु ने किए; यदि वे एक-एक करके लिखे जाते, तो मैं समझता हूं, कि पुस्तकें जो लिखी जातीं वे जगत में भी न समातीं।” (यूहन्ना 21:25)


1. यीशु मसीह की सेवकाई में चमत्कारों की भूमिका

यीशु के कार्यों को केवल ‘चमत्कार’ कहना पर्याप्त नहीं, वे “चिन्ह और अद्भुत कार्य” कहलाते हैं, जो आत्मिक सत्य को प्रमाणित करते हैं।

🔹 मत्ती 11:4-6 और लूका 7:20-22 में यीशु यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले को जवाब देते हैं:

"अन्धे देखते हैं, लंगड़े चलते हैं, कोढ़ी शुद्ध किए जाते हैं, बहिरे सुनते हैं, मरे जिलाए जाते हैं, और कंगालों को सुसमाचार सुनाया जाता है।"

ये कार्य मसीहा के आगमन के प्रमाण थे, जो पुराने नियम की भविष्यवाणियों की पूर्ति थे (यशायाह 35:5-6; 61:1-2)।


2. चंगाई और शारीरिक चमत्कार

यीशु ने कई लोगों को व्यक्तिगत रूप से चंगा किया:

  • अंधे को दृष्टि दी (मरकुस 10:46-52)
  • कोढ़ी को शुद्ध किया (लूका 17:11-19)
  • खून बहने वाली स्त्री को चंगा किया (मत्ती 9:20-22)
  • लाजर को मरे हुओं में से जिलाया (यूहन्ना 11:38-44)

📖 मत्ती 4:23-25:

“वह गलील में सब जगह उपदेश करता और राज्य का सुसमाचार सुनाता और लोगों की सब प्रकार की बीमारियाँ और दुर्बलताएं दूर करता।”

📖 मत्ती 14:35-36:

"उन्होंने उसकी वस्त्र की अंचल तक छूई, और जितनों ने उसे छूआ, वे सब चंगे हो गए।"

यीशु के पास आने वाले हर व्यक्ति को निराशा नहीं मिली।


3. विश्वास और चमत्कार का गहरा संबंध

यीशु ने सिखाया कि चमत्कार केवल चमत्कार दिखाने के लिए नहीं, बल्कि विश्वास उत्पन्न करने के लिए होते हैं।

📖 मत्ती 21:21:

"यदि तुम विश्वास रखो और संदेह न करो... तो यह पहाड़ भी समुद्र में गिर सकता है।"

📖 मरकुस 9:23-24:

“यदि तू कर सकता है—यह क्यों कहता है? विश्वास करने वाले के लिए सब कुछ संभव है।”

विश्वास चमत्कार की कुंजी है, और यीशु इसे हर अवसर पर सामने लाते हैं।


4. प्रेरितों के माध्यम से कार्यों की निरंतरता

यीशु के स्वर्गारोहण के बाद भी चमत्कार जारी रहे, क्योंकि उन्होंने अपने चेलों को वही सामर्थ्य दी:

📖 प्रेरितों के काम 4:30:

"तेरे पवित्र सेवक यीशु के नाम से चिन्ह और अद्भुत काम किए जाएं।"

📖 प्रेरितों के काम 6:8:

"स्तिफनुस सामर्थ से परिपूर्ण होकर लोगों में बड़े अद्भुत काम और चिन्ह करता था।"

यह प्रमाणित करता है कि यीशु आज भी कार्य करता है – अपने विश्वासियों के द्वारा।


5. यीशु के चमत्कारों की आत्मिक शिक्षा

यीशु के हर चमत्कार में आत्मिक अर्थ छिपा है:

  • रोटी बढ़ाना – यीशु जीवन की रोटी हैं।
  • अंधे को दृष्टि देना – आत्मिक अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाना।
  • पानी पर चलना – संसार की तूफानी परिस्थितियों पर प्रभुत्व।

यीशु के चमत्कार हमें परमेश्वर की करुणा, प्रेम और सामर्थ्य का परिचय कराते हैं।


क्या यीशु आज भी चमत्कार करता है?

हाँ, यीशु मसीह कल, आज और सदा एकसा है (इब्रानियों 13:8)। वह आज भी चमत्कार करता है, क्योंकि वह जीवित है और अपने लोगों में कार्य कर रहा है। उसका नाम आज भी शैतान को पराजित करता है, बीमार को चंगा करता है, और पापी को उद्धार देता है।

"उसके किए हुए आश्चर्यकर्म स्मरण करो, उसके चमत्कार और निर्णय स्मरण करो!" (भजन संहिता 105:5)


🙏 आपके लिए व्यक्तिगत संदेश

यदि आप आज किसी असंभव परिस्थिति से जूझ रहे हैं, तो याद रखें – वह जिसने लाजर को जिलाया, वह आपको भी नई आशा दे सकता है। विश्वास करें, प्रार्थना करें, और मसीह के नाम में चमत्कार की आशा रखें।

 


गुरुवार, 24 सितंबर 2020

मनुष्यों को भूमि की मिट्टी से बनाया गया है।

और यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा। उत्पत्ति 2:7


आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की।
उत्पत्ति 1:1

सोमवार, 21 सितंबर 2020

जीवन की भाग दौड़ और उठा पटक में हम जब मुश्किल दौर से गुजरते हैं उस समय जो हमें सबसे ज़्यादा ज़रूरी चीज़ चाहिए होती है, वह है शांति। शांति दो प्रकार की होती हैं। एक जो संसार देता है, दूसरी जो प्रभु देता है।

जो शांति संसार की ओर से होती उसमें बाहर से तो हम शांत दिख सकते हैं पर हमारे अंदर हमेशा उथल पुथल चलती रहती है जो हमे लगातार बेचैन बनाये रखती है। पर जो शांति परमेश्वर की ओर से आती है वो हमें अंदर से शांत बनाती है। चाहे जीवन में कैसी भी परिस्थिति हो ये शांति हमें अंदर से शांत और स्थिर बनाये रखती है और हमारे विचारों और योजनाओं की प्रभु में रक्षा करती है। 

यहां कुछ बाइबल की आयत दी गयी हैं जिनका मनन करके आप परमेश्वर की शांति को अपने जीवन में ग्रहण और सक्रिय कर सकते हैं।


तब परमेश्वर की शान्ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी॥
फिलिप्पियों 4:7

जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है।
यशायाह 26:3

मैं तुम्हें शान्ति दिए जाता हूं, अपनी शान्ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।
यूहन्ना 14:27

जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा॥
फिलिप्पियों 4:9

और मसीह की शान्ति जिस के लिये तुम एक देह होकर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो।
कुलुस्सियों 3:15

वा मेरे साथ मेल करने को वे मेरी शरण लें, वे मेरे साथ मेल कर लें॥
यशायाह 27:5


अब प्रभु जो शान्ति का सोता है आप ही तुम्हें सदा और हर प्रकार से शान्ति दे: प्रभु तुम सब के साथ रहे॥
2 थिस्सलुनीकियों 3:16

निदान, हे भाइयो, आनन्दित रहो; सिद्ध बनते जाओ; ढाढ़स रखो; एक ही मन रखो; मेल से रहो, और प्रेम और शान्ति का दाता परमेश्वर तुम्हारे साथ होगा।
2 कुरिन्थियों 13:11

मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्ति मिले; संसार में तुम्हें क्लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीन लिया है॥
यूहन्ना 16:33

उसी दिन जो सप्ताह का पहिला दिन था, सन्ध्या के समय जब वहां के द्वार जहां चेले थे, यहूदियों के डर के मारे बन्द थे, तब यीशु आया और बीच में खड़ा होकर उन से कहा, तुम्हें शान्ति मिले।
यूहन्ना 20:19


शुक्रवार, 28 अगस्त 2020










बुधवार, 26 अगस्त 2020


मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा॥

यशायाह 41:10

 


तू हियाव बान्ध और दृढ़ हो, उन से न डर और न भयभीत हो; क्योंकि तेरे संग चलने वाला तेरा परमेश्वर यहोवा है; वह तुझ को धोखा न देगा और न छोड़ेगा।

व्यवस्थाविवरण 31:6 



परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे॥

यशायाह 40:31


 



तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको॥

1 कुरिन्थियों 10:13




यहोवा मेरा बल और भजन का विषय है, और वही मेरा उद्धार भी ठहरा है; मेरा ईश्वर वही है, मैं उसी की स्तुति करूंगा, (मैं उसके लिये निवासस्थान बनाऊंगा ), मेरे पूर्वजों का परमेश्वर वही है, मैं उसको सराहूंगा॥

निर्गमन 15:2 


 



निदान, प्रभु में और उस की शक्ति के प्रभाव में बलवन्त बनो।

इफिसियों 6:10




क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा तुम्हारे शत्रुओं से युद्ध करने और तुम्हें बचाने के लिये तुम्हारे संग चलता है।

व्यवस्थाविवरण 20:4 




और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे 
2 कुरिन्थियों 12:9 




इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्त होता हूं॥

2 कुरिन्थियों 12:10 




क्या मैं ने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा॥

यहोशू 1:9 





क्योंकि परमेश्वर ने हमें भय की नहीं पर सामर्थ, और प्रेम, और संयम की आत्मा दी है।

2 तीमुथियुस 1:7





परमेश्वर मेरा उद्धार है, मैं भरोसा रखूंगा और न थरथराऊंगा; क्योंकि प्रभु यहोवा मेरा बल और मेरे भजन का विषय है, और वह मेरा उद्धारकर्ता हो गया है॥

यशायाह 12:2




हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।

मत्ती 11:28





वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ देता है।
यशायाह 40:29







यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं?

भजन संहिता 27:1




हे यहोवा परआशा रखने वालों हियाव बान्धो और तुम्हारे हृदय दृढ़ रहें!

भजन संहिता 31:24





हे यहोवा परआशा रखने वालों हियाव बान्धो और तुम्हारे हृदय दृढ़ रहें!

भजन संहिता 31:24

बुधवार, 27 मई 2020




पवित्र शास्त्र बाइबल की इन सामर्थी आयतों के द्वारा अपने जीवन में शुरक्षा और साहस को सक्रिय करें।




यहोवा के डरवैयों के चारों ओर उसका दूत छावनी किए हुए उन को बचाता है।
भजन संहिता 34:7







परन्तु प्रभु सच्चा है; वह तुम्हें दृढ़ता से स्थिर करेगा: और उस दुष्ट से सुरक्षित रखेगा।

2 थिस्सलुनीकियों 3:3





जितने हथियार तेरी हानि के लिये बनाए जाएं, उन में से कोई सफल न होगा, और, जितने लोग मुद्दई हो कर तुझ पर नालिश करें उन सभों से तू जीत जाएगा। यहोवा के दासों का यही भाग होगा, और वे मेरे ही कारण धर्मी ठहरेंगे, यहोवा की यही वाणी है॥

यशायाह 54:17




तू जो अपने दाहिने हाथ के द्वारा अपने शरणगतों को उनके विरोधियों से बचाता है, अपनी अद्भुत करूणा दिखा। 8. अपने आंखो की पुतली की नाईं सुरक्षित रख; अपने पंखों के तले मुझे छिपा रख, 9. उन दुष्टों से जो मुझ पर अत्याचार करते हैं, मेरे प्राण के शत्रुओं से जो मुझे घेरे हुए हैं॥

भजन संहिता 17:7-9



मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा॥ जो तुझ से लड़ते हैं उन्हें ढूंढने पर भी तू न पएगा; जो तुझ से युद्ध करते हैं वे नाश हो कर मिट जाएंगे। देख, जो तुझ से क्रोधित हैं, वे सब लज्जित होंगे; जो तुझ से झगड़ते हैं उनके मुंह काले होंगे और वे नाश हो कर मिट जाएंगे।

यशायाह 41:10-12





चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में होकर चलूं, तौभी हानि से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है॥ तू मेरे सताने वालों के साम्हने मेरे लिये मेज बिछाता है; तू ने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा कटोरा उमण्ड रहा है।

भजन संहिता 23:4-5





निदान, प्रभु में और उस की शक्ति के प्रभाव में बलवन्त बनो। 11. परमेश्वर के सारे हथियार बान्ध लो; कि तुम शैतान की युक्तियों के साम्हने खड़े रह सको। 12. क्योंकि हमारा यह मल्लयुद्ध, लोहू और मांस से नहीं, परन्तु प्रधानों से और अधिकारियों से, और इस संसार के अन्धकार के हाकिमों से, और उस दुष्टता की आत्मिक सेनाओं से है जो आकाश में हैं।


इफिसियों 6:10-12





और प्रभु मुझे हर एक बुरे काम से छुड़ाएगा, और अपने स्वर्गीय राज्य में उद्धार कर के पहुंचाएगा: उसी की महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन॥

2 तीमुथियुस 4:18





यहोवा का नाम दृढ़ गढ़ है; धर्मी उस में भाग कर सब दुर्घटनाओं से बचता है।

नीतिवचन 18:10





यहोवा सारी विपत्ति से तेरी रक्षा करेगा; वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा। 8. यहोवा तेरे आने जाने में तेरी रक्षा अब से ले कर सदा तक करता रहेगा॥


भजन संहिता 121:7-8


तू मेरे छिपने का स्थान है; तू संकट से मेरी रक्षा करेगा; तू मुझे चारों ओर से छुटकारे के गीतों से घेर लेगा॥

भजन संहिता 32:7





यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है।

नहूम 1:7





परन्तु हे यहोवा, तू तो मेरे चारों ओर मेरी ढ़ाल है, तू मेरी महिमा और मेरे मस्तिष्क का ऊंचा करने वाला है।

भजन संहिता 3:3





मत डर, क्योंकि मैं तेरे साथ हूं; मैं तेरे वंश को पूर्व से ले आऊंगा, और पच्छिम से भी इकट्ठा करूंगा।

यशायाह 43:5



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